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बुधवार, 15 मई 2013 | By: कमलेश वर्मा 'कमलेश'🌹

क्यों पंछी हुआ उदास...!!! पलायन का दर्द ?..

क्यों पंछी हुआ उदास ,अपना नीड़ छोड़ कर ,
जिसे  संजोया था ,तिनका -तिनका जोड़ कर। 

न किया गिला किसी से ,न शिकायत किसी की ,
चुप-चाप उड़ चला वो ,अपनी पीड़ ओढ़कर। 

मुड़ के देखा तो था , पड़ा बिखरा हुआ अतीत ,
पर जा रहा था वो,कुछ सच्चे रिश्ते तोड़ कर। 

खट्टी-मीठी यादे चल रहीं थी ,चलचित्र की तरह ,
दिल करता था  देखता रहे, चित्रों को जोड़ कर। 

टीस सी उठ रही है दिल में , उस  दर  को छोड़ते ,
है! इल्तिजा वक्त से ,ले आये वो  ''वक्त'' मोड़ कर।

'कमलेश'कहते हैं ये सब ,किश्मत का रचा खेल है ,
कभी कौन ? शौक से गया है ,अपना ''नीड़ ''छोड़ कर।।


सोमवार, 20 जून 2011 | By: कमलेश वर्मा 'कमलेश'🌹

हर मोड़ जिंदगी का ..!!


हर मोड़ जिंदगी का लगे , है इक सीधा रास्ता ,
जिसके हर मोड़ से लगे ,है सीधा वास्ता ,

उन लम्हों को सजा रखा है, दिल के फूलदानों में ,
हसरतों ने महफूज़ किया ,जिन्हें वक्त के तूफानों में ,

नजर भर कर देखें तो कहते ,क्या हुआ प्यार है ,
ना देखा जब उस नजर से ,तो हुआ जीना दुश्वार है ,

इस कदर हो बंदिशें जमाने की, जिन्दगी जीने पर ,
तो जमाना क्यों हलकान होता है, हमारे पीने पर ,

मिले सबको किसी की चाहत ,ये नही कोई जरूरी है ,
दुनिया में कितनो की अब तक, हसरत रही अधूरी है ,

'कमलेश' कभी वक्त की कश्ती रुकी नही किनारे पर ,
किनारा खुद आ मिले कश्ती को, वक्त के इशारे पर ॥




शनिवार, 18 जून 2011 | By: कमलेश वर्मा 'कमलेश'🌹

हो समय प्रतिकूल तब वक्त भी ठहर जाता है ..!!

हो समय प्रतिकूल तब वक्त भी ठहर जाता है ,
वक्त[सत्ता]के सम्मुख जन-तन्त्र बे-बस नजर आता है ,

मन में तमन्ना रखते हैं जमाने को बदलने की ,
पर ये जान देने का ही रास्ता नजर आता है ,

कैसी मिलेगा इंसाफ इस सड़ी व्यवस्था से ,
यहाँ हर मोड़ पर भ्रष्टाचार का गटर नजर आता है ,

भ्रष्टाचार से भ्रष्टाचार का फलता-फूलता ये म्हातंत्र,
इस जहाँ से उस जहाँ तक विस्तार नजर आता है

इक कोशिस करके देखो ,ज़रूर मेरे यारों ,
क्यूंकि 'बापू 'का इसमें मूल मन्त्र नजर आता है

हो ना हो भड़केगी चिंगारी इन सोये दिलों में भी,
ऐसे ज़ज्बे का जोश ,हममे कभी-कभार नजर आता है

कोई नेता ,नौकर- शाह क्यों चाहे इस जन-लोकपाल को ,
इसमें भ्रष्टों को भ्रष्टाचार पर ,अत्याचार नजर आता है

कमलेश',अभी तो काली अँधेरी रात है नजर आती ,
पर उस तरफ वक्त के, खुशियों का त्यौहार नजर आता है