रविवार, 19 अगस्त 2012 | By: kamlesh chander verma

बेचैन है धरती ,बेचैन....!!!


बेचैन है धरती ,बेचैन अम्बर है ,बेचैन जनता है ,बेचैन नेता है ,
इन दोनों की बेचैनी की, जिम्मेदारी देखो कौन लेता है ॥!!

बेचैन सच्चाई हैं तो ,बेचैन आडम्बर है ,
देखें कौन नीचे है ,कौन उपर है ,
हो जायेगा फैसला इस दम ,देखें गवाही कौन देता है.....!!

वो भी बेचैन लगता है ,हम भी बेचैन लगते हैं ,
बिना कुछ करके भी ,हम उतने ही थकते हैं ....
देखें इस वक्त कौन सबसे पहले विश्राम लेता है .....!!!

5 comments:

S.N SHUKLA ने कहा…


बहुत सुन्दर सृजन , बधाई.
कृपया मेरे ब्लॉग पर भी पधारने की अनुकम्पा करें, आभारी होऊंगा .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

ईद मुबारक !
आप सभी को भाईचारे के त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाएँ!
--
इस मुबारक मौके पर आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (20-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

Anju (Anu) Chaudhary ने कहा…

ज़िम्मेवारी लेने वाल कौन आएगा ....ये ही आज का सबसे बड़ा सवाल हैं ?

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति

सुशील ने कहा…

बहुत सुंदर !

पर नेता कहाँ बैचेन होता है
सारे देश का चैन जब वो लेता है !