शुक्रवार, 4 मई 2018 | By: kamlesh chander verma

जब तक तेरी इन आँखों...।।

जब तक तेरी इन आँखों को, इंतजार रहेगा।
तब तक मेरी इन आँखों में ,प्यार रहेगा।।

अपलक खुली रहेंगी ये, उम्र भर के लिए,
जब तक साँसों का ज़िस्म पर, अख्तियार रहेगा।।

क्यूँ कर कोई चाहेगा ये, बन्द हो आंखे,
जब तक तेरी चाहत का, छाया ख़ुमार रहेगा।।

ये तो मुरीद हैं तेरे, दीदार की खातिर,
इनका ये इसरार हमेशा ,हर बार रहेगा।।

कोई और बस जाए ,इन आँखों में आ के,
इससे इंकार इक बार नहीं ,सौ बार रहेगा।।

कमलेश'अलग ही मज़ा है ,इस ज़ुनून का,
बस इक ही नशा होता है ,प्यार प्यार का।।
@कमलेश वर्मा, कमलेश,