गुरुवार, 18 अक्तूबर 2012 | By: kamlesh chander verma

जब-जब जनता के लबों पर...!! IAC SUPPORT

जब-जब जनता के  लबों पर ताले लगेंगे ,
फिर हर गली में उनको तोड़ने वाले मिलेंगे। 

हक है सबको  बोलने कोई खैरात नही है ,
छीन ले यह आज़ादी किसी की औकात नही है। 

अपनी हद में रह कर सभी अच्छा आचरण करें ,
जो भी हैं आपत्तियां उनका उचित निराकरण करें।

पर न हो जुल्म ;पार्टी' भक्ति के नाम पर ,
हो न काली  नजर उनके सही काम  पर।
उनकी हदों को भी रोकने वाले मिलेंगे .........जब-जब 

जबरदस्ती तो न बैठती चिड़िया किसी डाल  पर ,
नही कोई समझौता होगा आजदी के सवाल पर। 
अब भी तैयार हैं तमाचा खाने को गाल पर ,
पर दूसरों को भी अपने गाल सहलाने पड़ेंगे ....जब -जब 

'कमलेश'हक मांगता है  देश कोई भीख नही ,
'हम तो कानून को मानते हैं ,देते कोई सीख नही,
पर अपने लिए भी  सही कानून बनाने पड़ेंगे।।।।जब-जब 

1 comments:

रविकर ने कहा…

उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।