शुक्रवार, 15 जनवरी 2010 | By: kamlesh chander verma

देश हमारा कैसा भी है..!!

देश हमारा कैसा भी है ,
हम तो इसको पूजेंगे ,
जिधर भी देखो प्यारे नारे ,
''जय भारत'' के गूंजेगे

चाहे कितनी गरीबी है ,
चाहे कितनी निराशा है ,
पर पहुँच के रहेंगे शिखर पर ,
सारे देश की अभिलाषा है

इस मिटटी के हैं वो सपूत ,
जिनका दुनिया लोहा माने ,
पर मेरे देश इक श्रेणी लगी ,
दूजों के गुण गाने

गर यहाँ कुछ अच्छा होता ,
देश कभी का मिट जाता ,
होती तरक्की किसी ओर ,
दगाबाज पड़ोसियों से पिट जाता

कहने को जो कहो मगर ,,
जो है सब दिखता है ,
भारत की प्रगति को पाश्चात्य ,
मीडिया नही ऐसे लिखता है

पट्टी उतारो आँखों की ,
अपने चारों ओर निहारो ,
'कमलेश ' प्रगति के पहिये को ,
देखो मेरे प्यारोंजय हिंद

4 comments:

आमीन ने कहा…

jai hind sir ji

Udan Tashtari ने कहा…

जय हिंद-बेहतरीन!!

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

देश हमारा कैसा भी है ,
हम तो इसको पूजेंगे ,
जिधर भी देखो प्यारे नारे ,
''जय भारत'' के गूंजेगे ।

जय भारत.....!!

ज्योति सिंह ने कहा…

देश हमारा कैसा भी है ,
हम तो इसको पूजेंगे ,
जिधर भी देखो प्यारे नारे ,
''जय भारत'' के गूंजेगे
bahut sahi hai ,kya baat kahi maja aa gaya padhkar