सोमवार, 20 जुलाई 2009 | By: kamlesh chander verma

बोलो ..?बेटा आख़िर क्या करे ..!!?


कल की अख़बार की खबर पर नजर पड़ी तो ,अनायास ही यह मन में प्रश्न ?आया की इस स्थिति में कोई भी बेटा क्या करे ? जब उसके सामने यह सवाल हो की वह ,अपनी माँ और बीबी में किसका चुनाव करे ,उसकी मजबूरी की वह ना तो, माँ को छोड़ सकता है ,ना बीबी को ,तो इस का क्या हल होगा ?उस व्यक्ति ने रोज २ के झगड़ो से तंग आ कर माँ और बीबी का कत्ल करके खुद भी इस दुनिया से चला गया !,इस घटना का जिक्र इस लिए कर रहा हूँ ,क्योंकि कुछ लोगों को लगेगा की उसको यह करना चाहिए था ,यह नहीं ये ????पर उस इन्सान की हालत मानसिक कष्ट के बारे में सोच कर देखा जाये कि ? किसी हद तक वह क्या करता ,क्या?क्या वह सही था !जो उसने किया, या उसको यह नहीं करना चाहिए था ?बाद में उसे मानसिक रोगी करार दे दिया गया ,यह कौन सी नई बात हुई ?मन को जब घर में सकून ही नहीं मिलेगा तो एक बेटा ,पति , यही करेगा ,अगर आप को लगता है इस का कोई और भी समाधान है ?तो रोज2 की लडाइयों से तंग आये लोग कोई अच्छा रास्ता जिंदगी का चुन सकेंगे ,और बेटे ,पति कोई ऐसा कदम नहीं उठाएंगे ,जिससे एक जीवनदीप बुझ जाये !!और बचे हुई जिंदगियां तबाह होने से बच जायें ??सोचो आप सभी ..!!!!