रविवार, 8 जुलाई 2018 | By: kamlesh chander verma

इस जैसी सरकार..।।

इस जैसी सरकार
अरे रे रे रे ना बाबा
कौन करेगा ऐतबार
अरे रे रे रे ना बाबा।

मीठे सपनों की तिकड़म बाज़ी है
बस वादों की मीठी लफ़्फ़ाज़ी है
है बस झूठ मूठ का प्यार..अरे रे रे।

झूठे सपनों का मेला था
ये राजनीति का खेला था
किया जनता का व्यापार...अरे रे रे रे।

जब भी चुनाव नज़दीक हुए
विपक्षी दल भी भयभीत हुए
अब क्यों हुए सभी एकसार..अरे रे रे रे।

इनमें किसी के सर घोटाला है
कोयले से किसी का मुंह काला है
कोई है माया का अम्बार.. अरे रे रे रे।

फिर जब ये भी सत्ता में आएंगे
अपने वही पुराने रंग दिखाएंगे
होगा फिर देश का बंटाधार..अरे रे रे।

अब जनता बताओ क्या करे
किधर जिये और किधर मरे
जब सब कमलेश, दिखते हैं बेकार,..अरे रे रे हां बाबा।