शुक्रवार, 21 अगस्त 2009 | By: kamlesh chander verma

नासा की खोज -हम लोगों की मौज ..?!


कॉर्डलेसटूल्स-चन्द्रमाकीसतहसैम्पललेनेकेलियेईसतकनीककाउपयोगकियागयाथाआजयहीतकनीकवैकुम् क्लीनर और पॉवर ड्रिल्स के रूप में में हमारे लिए विभिन्न कामों को अंजाम दे रहे हैं


सॅटॅलाइट टेलिविज़न - अंतरिश यान से आने वाले संकेतों को स्पष्ट प्राप्त करने के लिए इस ताकनीक का परयोग किया गया इसकी madad से साफ़ चित्र और संकेत धरती तक पहुँच सकते थे अब एह हमारे मनोरंजन समेत देशदुनिया की रखने के कामरहीहै।


सीटीस्कैनर-आज इस तकनीक से कैन्सरकी पहचान करने की लिए होता है .,लेकिन नासा ने इसकी खोज अन्तरिक्ष से प्राप्त घटकों ki पूर्णता या कमी का पता लगाने के लिए की थी


कम्प्यूटरमाय्क्रोचिप -अपोलो के गायडेंस कम्प्यूटर में एकीकृत परिपथ (intigratedcircut के तौर पर करने वाली इस तकनीक की ही वंसज कही जायेगी ,आज की microchips.


वाटरफिल्टर -आज घरेलू स्तर पर इस्तेमाल मेंरहे वाटरफिल्टर की तकनीक भी नासा से ली गईनासा ने इस तकनीक का प्रयोग अन्तरिक्ष में ले जाए जाने वाले पानी के ' bactiria' को खत्म करने लिए किया था


जोय
स्टिक -आज कम्प्यूटर पर जिस उपकरण की मदद से आप जम गेम खेलते हो , सबसे पहले अपोलो साथ गए , लूनर रोवर को नियंत्रित करने में उपयोग किया गया था


इन्सुलेशन -अन्तरिक्षयान को विकिरण से बचाने के लिए इसे उपयोग में लाया गयाप्रवर्तन में सक्षम के इस्तेमाल से इस तकनीक से अपेक्षित परिणाम पाये जा सकेथेलोसाथगाये ,लूनर रोवर को नियंत्रित करने में उपयोग किया गया था

4 comments:

विनय ‘नज़र’ ने कहा…

बढ़िया है जी!
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मानव मस्तिष्क पढ़ना संभव

समयचक्र : महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत बढ़िया धन्यवाद

अनिल कान्त : ने कहा…

बिलकुल सही कहा आपने ... और अब मौज है

शोभा ने कहा…

बहुत ही उपयोगी एवं ग्यान वर्धक लेख है। आभार।