बुधवार, 7 सितंबर 2011 | By: kamlesh chander verma

दिल्ली में ब्लास्ट पर मन का विछोभ ...!!!

हम इस एक धमाके से नहीं जागने वाले है '
आप सभी [आतंकवादी]धन्य ,जो मुहिम चलाने वाले हैं

शत-शत नमन पड़ोसी को ,जो ऐसे प्रयोजन करता है ,
उसकी आपार अनुकम्पा से ,हिन्दुस्तानी मरता है

जितने आप 'ब्लास्ट'करें हमको, पड़ता कोई फर्क नही ,
मिलते है मौका 'हमदर्दी' का भुगते कोई नर्क कहीं

वाह !कहीं दुनिया में कोई भी नही ऐसा देश मिलेगा ,
आओ'' आपका स्वागत है'' [आतंकवादियों ]लिखा संदेश मिलेगा ,

खून बहाओ हम सबका अपने उन्मादी जिहादी खेल में ,
कुछ नही कहेंगे हम तुमको ,बैठ खाओ बिरयानी जेल में

शायद तुम्हारे देशों में वतन के वफादार बहुत मिल जाते हैं ,
हमारे यहाँ थोक में -देश के गद्दार मुफ्त मिल जाते हैं

'कमलेश'क्या करुँ उस पीड़ा को मन में धू -धू जलती है ,
लोग भस्म हो जाते हैं पर ,उनके नही हूक निकलती है ..




1 comments:

S.N SHUKLA ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति , आभार