मंगलवार, 3 नवंबर 2009 | By: kamlesh chander verma

ठंडी पवन का झोंका आया ,बन कर ५०वी पोस्ट ...!!!

ठंडी पवन का झोंका आया ,बन कर ५०वी पोस्ट
हुयी कमाई ,हौसला अफजाई ,बन गये सैकडों दोस्त

शुक्रिया उन अग्रजों का ,जिनका अदभुत प्यार मिला ,।
आभारी हूँ उन बहनों का ,जिनका टिप्पणियों का प्यार मिला

धन्य हुए महापुरषों की ,अनमोल पढ़ी रचनाएँ
उनकी उत्कृष्ट ,साहित्यिक सुघर सिर्जनाएं


ब्लोगिंग एक अदभुत है अहसास ,
मन का संबल , उत्प्रेरक है विश्वास

शांत हिर्दय में उठती भावनाओं की ज्वाला ,
भड़की भावनाओं से भी छलके प्रेम प्याला

करता हंसी ठिठोली कोई ,कोई चलाता शब्दों की गोली
कोई महापुरुष सा लगता बना सूरत भोली

अपना रिश्ता थोड़ा नया है ,फ़िर भी काफी प्यार मिला है
उत्साह वर्धक टिप्पणियों का, खूब उपहार मिला है

कुछ टिप्पणियाँ थी मधुर -मधुर ,कुछ का स्वाद कुछ तीखा ,।
उन सलाहों और समीक्षाओं से, मैंने बहुत कुछ सीखा

वृहद् ब्लोगिंग का पटल ,जिसका कोई छोर
प्रकट करो अपनी प्रतिभा ,लगा मस्तिष्क का जोर

ब्लोगिंग के इस कुम्भ में ,लगा लो प्यारे डुबकी
पक्का पार उतर जाओगे ,गारंटी है आप सबकी


प्रतिभा अपनी दिखाने का ,ब्लोगिंग बढ़िया मौका ,
कोई काव्य का मारे सिक्सर ,कोई गद्य का चौका

कोई छोडे हँसी की फुल्झडियां ,कोई फोडे व्यंग्य पटाखे ,
कोई नोचे व्यवस्था का मुखौटा ,कोई समाज में ताके - झांके

रचना ऐसी कर देते है ,''कमलेश '' विश्वास नही होता ,
पहले क्यों नही ज्वाइन किया ,रहा कहाँ मै सोता

2 comments:

ओम आर्य ने कहा…

बढिया कमलेश भाई!

M VERMA ने कहा…

पचास पोस्टो का सफ़र बधाई हो.