शुक्रवार, 14 अगस्त 2009 | By: kamlesh chander verma

आख़िर क्या है ! एच -१ एन-१ स्वाइन फ्लू (swine flu )??


मित्रों , जैसा की आप सब अच्छी तरह जानते है ,की स्वाइन फ्लू नाम का दानव लगातार मानवीय जिंदगियों को निगलता जा रहा है ,और पूरे विश्व में इसने तबाही मचा रखी है मेक्सिको से शुरू होकर यह विश्व के हर हिस्से में पहुँच चुका है ;मगर यह बीमारी है क्या ?इस बारे अब भी बहुत कम लोगों को पता है तो आइये हम आपकी जिगियासा को शांत किए देते ही है ,दरअसल स्वाइन फ्लू (सवा इन एन्फ्लू न्जा )की बीमारी का जन्म दाता सूअर ,जी हाँ ,इनकी यह बीमारी के ख़ूनी पंजे इन्सान को खत्म करने में लगे हैं ,टाइप - अन्फ्लुन्ज़ा वायरस सूअरों के कारण फैलता जा रहा है ,और एनी एन्फ्लुन्जा वायरस की तरह स्वाइन फ्लू भी कहर बरपाने पर आमादा है ,खास बात यह है की यह दूसरे एन्फ्लुन्जा वायरस से मिल कर और भी खतरनाक स्थिति पैदाकर देगा , क्योंकि इनके मिलने से ,इसकी पूरी संभवना है की एक नए वायरस का जन्म हो जाए, .एन्फ्लुन्जा - में इस बदलाव को'' मेजर एंटी जनिक शिफ्ट ''का नाम दिया गया है , इस वक्त सूअरों में चारप्रकार के वायरस हैमुख्य रूप से एन्फ्लुन्जा टाइप - केरोगी मिल रहे हैं ,तो खबर दार रहे+=एच- एन - ,,एच - एन -,, एच - एन - ,, एच - एन -,, से इनमे से इन्फ्लुन्जा - एच - एन - कहर ढा रहा है ,इसके एक दूसरे व्यक्ति में फैलने की सबसे ज्यादा असर दार क्षमता होने की वजह से यह बहुत जल्दी फ़ैल रहा है ,इसके लिए अभी तक एक ही दवाई'' टेबलेट टोमिफ्लू ''सरकार द्वारा उबलब्ध करायी जा रही है ,इसके टेस्ट के लिए हमारे देश में पर्याप्त मात्रा में'' बी एस एल - लबोरट्री'' सम्प्लों के लिए जरूरी है ,परन्तु अभी कुछ समय लग सकता है .तब तक इस बीमारी से बचने के जो भी उपाय मीडिया .डॉक्टर दुवारा बताये जाते है ,अमल करें और इस विपदा में धैर्य छोडे