गुरुवार, 7 फ़रवरी 2013 | By: kamlesh chander verma

वक्त से पहले किस्मत से ज्यादा.....!!!

वक्त से पहले किस्मत से ज्यादा ,कभी कुछ मिलता नही  ,
वक्त से पहले अंकुर खुलता नही , कभी फूल खिलता  नही ।

जिंदगी में किस्मत का दख़ल है हर ज़गह दोस्तों ,
पर बिना  उसकी रज़ा  इक पत्ता भी हिलता नही । 

कोशिशों ,जुगतों जुगाड़ों में निकल जाती है जिंदगी ,
फिर भी कारवां जिंदगी का सबसे सम्भलता नही । 

हो साथ किस्मत तो पत्थर भी ,उड़ते हैं आसमां की तरफ़ ,
न हो मुआफिक आबो-हवा तो, इक बूँद पानी उछलता नही । 

किस्मत से पिघल जाते हैं , बड़े  पत्थरों के भी  दिल,
जहाँ सदियों की कोशिशों  से भी ,मोम  का दिल पिघलता नही।

''कमलेश'' यहाँ सब कुछ है वक्त और किस्मत के हाथ में ,
 इनके आगे इंसान  का भी कोई वश चलता नही।।