रविवार, 6 जनवरी 2013 | By: kamlesh chander verma

ये कैसी है शुरुआत इस नव वर्ष में.....!!!

ये कैसी है शुरुआत इस नव वर्ष में ,
ना  मिली कोई अच्छी खबर नव वर्ष में .

जलन महसूस हो रही है इसकी शुरवात में ,
न कोई ताजगी न ठंडक इसके स्पर्श में .

ये सोचने को सोच सकता है कोई भी ,
क्यों मैं ऐसा सोचता हूँ ,नव-वर्ष के उत्कर्ष में .

जब तक न समझ सकें उन हालातों को आप ,
कभी मत जाइये किसी अंतिम निष्कर्ष में .

विश्वास -अतिविश्वास और सम्वेदनाओं को ,
'जिंदगी में नही ' बस रखो विचार विमर्श में .

'कमलेश'खुद दर्द न सहो अब किसी और के लिए ,
दे जायेगा  वो 'नासूर' जख्म भरेगा कई वर्ष में .......

2 comments:

रविकर ने कहा…

चिंता जनक -प्रारम्भ ||

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति। सुप्रभात...!