- चंद लम्हों की मुलाकात बनी सबब जिन्दगी की ,
- ता उम्र साथ मिलता तो क्या बात थी ।!
- संवर जाती सूरत मेरे आने वाले कल की ,
- हमेशा आफ़ताबे -नूर होता तो क्या बात थी ।!
- यूँ न छोडो भंवर में किश्ती मेरी जिन्दगी की ,
- तुम किश्ती की पतवार बनती तो क्या बात थी ।!
- गर डूबे जिन्दगी की मझधार में होगी रुसवाई ,
- गर चलते साथ -साथ उस पार तो क्या बात थी ।!
- ''कमलेश'' मुझ पर अहसान होगा इस जिन्दगी का ,
- इक जिन्द -इक जान बन के जीते तो क्या बात थी ।!!
लम्हे लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
लम्हे लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
चंद लम्हे ..उस मुलाकत के ...!!!
सदस्यता लें
संदेश (Atom)