रविवार, 11 अप्रैल 2010 | By: kamlesh chander verma

लाली मेरे ''लाल'' की ...!!!

3 comments:

Udan Tashtari ने कहा…

हैं तो दोनों ही स्ट्राबेरी. :)

खुशदीप सहगल ने कहा…

कमलेश भाई,
स्ट्रॉबरी कैसी भी लाल खिलाओगे, खा लेंगे...लाल तो क्या काली भी चलेगी...

जय हिंद...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

गरमी मे स्ट्राबेरी को देखते ही तरावट मिल गई!