सोमवार, 5 अप्रैल 2010 | By: kamlesh chander verma

अपना प्यारा हिदुस्तान ..!!कमलेश वर्मा


तिरछी नजर से देखे ,किसकी? हिम्मत हिंदुस्तान को ,
मिनटों में धुल चटा देंगे ,उस पाजी शैतान को

हमदर्दी का रुख को समझो , हमारी कमजोरी है ,
जब-जब किसी ने गलती ,उसकी बांह मरोड़ी है

उन्नति के शिखर पर चढ़ते रहना ,इस देश का जनून है ,
देश के हर रग-रग में दौड़े ,देश भक्तों का खून है

जब-जब-देश पर आन पड़ी ,दी क़ुरबानी वीरों ने ,
कभी जौहर दिखाए तीरों ने ,कभी तेज शमशीरों ने

छुप -छुप के वार करें फिर भी, देश मेरा खामोश हैं ,
एक बार में होगा सफाया ,पास हमारे ''ब्रह्मोश ''है

चाहे जितना जोर लगा ले ,पाक नापाक और बेईमान ,
इससे ज्यादा प्रबल होगा ,अपना प्यारा ''हिंदुस्तान जय हिंद

5 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

अपना भारत सबसे न्यारा!
इसीलिए प्राणों से प्यारा!!

Udan Tashtari ने कहा…

ये बात!! वाह...छा गये महाराज!! दिल जीत लिया.

Shekhar kumawat ने कहा…

चाहे जितना जोर लगा ले ,पाक नापाक और बेईमान ,
इससे ज्यादा प्रबल होगा ,अपना प्यारा ''हिंदुस्तान ॥ जय हिंद


JAI HIND

shekhar kumawat

http://kavyawani.blogspot.com/

Shekhar kumawat ने कहा…

WOW!!!!!!!!!!!!


BAHUT KHUB

shekhar kumawat

http://kavyawani.blogspot.com/

संजय भास्कर ने कहा…

हर शब्‍द में गहराई, बहुत ही बेहतरीन प्रस्‍तुति ।