शनिवार, 27 अगस्त 2011 | By: kamlesh chander verma

जय हो अन्ना हजारे ...!!!


''हुई जीत जन-तन्त्र की ,पुख्ता हुआ और गण -तन्त्र ,
इक ''अन्ना''ने पढ़ाया देश को गाँधी-अहिंसा-मन्त्र

सच्चे जीवन की यही शुद्ध साख सहित एक लक्ष्य ,
यही
सद्गुण बनाते ''अन्ना''को गाँधी के समकक्ष

निराहार के व्रत में होती है कठिन परीक्षा ....,
लग जाता है पता कितनी मजबूत है इच्छा

युवा शक्ति का कैसे ,कब और कहाँ करें उपयोग ,
अन्ना
ने पूरे देश को बना-युवा किया अभिन्न प्रयोग