के.सी.वर्मा ''कमलेश''

मेरे दिल की बात....सीधा दिल से....आप तक!!!

Pages

  • मुख्यपृष्ठ
शुक्रवार, 19 जून 2015 at 9:10:00 am | By: कमलेश वर्मा 'कमलेश'🌹

ज़िंदगी के फ़लसफ़े...।।

इसे ईमेल करें इसे ब्लॉग करें! X पर शेयर करें Facebook पर शेयर करें

1 comments:

कालीपद "प्रसाद" ने कहा…

बहुत बढ़िया ग़ज़ल
तुम्हारी याद !

शनिवार, जून 20, 2015

एक टिप्पणी भेजें

नई पोस्ट पुरानी पोस्ट मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

Blog Archive

{ MEHMAAN-DAARI }

Blogger द्वारा संचालित.

Menu

  • AAPKIAANKHEN
  • TECHRAVI
  • jhankar tarang
  • meribhisuno
Page Rank Check www.hamarivani.com

Facebook बैज

Kamlesh Bhagwati Parsad Verma | अपना बैज बनाएं

{ LIVE -MEHMAAN-DAARI }


लोकप्रिय पोस्ट

  • ज्यु ज्यूँ ज़िन्दगी...।।
  • चल रहा है...!!
     चल रहा है तू तू मैं मैं का सिलसिला। इनको उनसे ,उनको इनसे है शिकवा गिला। तुम्हारी इस बेहूदा  तकरार से हम मजबूर मज़दूरों को क्या मिला। जो करना...
  • रंग बदलना सीख ले ..!!
    रंग बदलना सीख ले जमाने की तरह , ना सच को दिखा आईने की तरह । ना पकड इक साख को उल्लू की मानिंद , वक़्त - ए - हिसाब ...
  • आंखे जो दिख रही हैं🏵️🌺🌹
    आंखे थोड़ी थोड़ी सी जो, दिख रही हैं, चाहत की इक नई दास्तां, लिख रही हैं।। शरारत भरी तो थी पहले से इनमें बस आये अमल में कैसे ...
  • तेरे शहर के....🌹❤️🦋🇮🇳
    तेरे शहर के परिंदे भी बेवफ़ा निकले तुम तो निकले पर ये बे वजह निकले।। छोड़ दी हमने तेरे मुहल्ले की वो गली, ये तुम्हारे खैरख्वाह हर जगह निकले।। ...
  • '200''वीं पोस्ट ..// ''आ गयी दोस्त ''...!!!
    '' अब तक आप लोगों के आशीर्वाद एवम प्यार की अनछुए स्पर्श को महसूस कर  के अच्छी -बुरी जो मेरी योग्यता थी ,अपनी कलम से लिखता गया ,कु...
  • हैं कैसे आप सब...,❓🦋🌹❤️
    #coronalockdown हैं कैसे आप सब, घर में बताओ जरा। है मुसीबत की घड़ी, में भी मुस्कराओ जरा। जैसे आई है ये, चली जायेगी बस ,धैर्य बल दिखाओ ज...
  • नवागन्तुक की परिकल्पना के सन्दर्भ से ....!!!
    कोई आने वाला है मेहमान कहीं पे , आहट कदमों की है महसूस हो रही जमीं पे । कैसा होगा मंजर आमद पर उसकी , गूंज उठेंगी दरो-दीवार उसकी हंसी पे । ...
  • प्यार के इज़हार के लिए १ ४ फरवरी ही क्यों .....????
    इज़हारे इश्क़ का वक्त कोई मुक़र्रर नही होता , इज़हार हो जाता है जिसका सपने में भी  तसव्वुर  नही होता।  जिससे नज़र मिलते ही बढ़  जाएँ धडकनें ...
  • नव- वर्ष की शुभ कामना ...!!

लिखिए अपनी भाषा में

मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें

{ JAGTE-RAHO}

MyFreeCopyright.com Registered & Protected
Copyright © 2010 - के.सी.वर्मा ''कमलेश'' - is proudly powered by Blogger.
Theme Design: RayThemz.