के.सी.वर्मा ''कमलेश''

मेरे दिल की बात....सीधा दिल से....आप तक!!!

Pages

  • मुख्यपृष्ठ
रविवार, 5 जुलाई 2015 at 1:49:00 pm | By: कमलेश वर्मा 'कमलेश'🌹

मेरी बातों पर....।।

इसे ईमेल करें इसे ब्लॉग करें! X पर शेयर करें Facebook पर शेयर करें

1 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
रविवार, जुलाई 05, 2015

एक टिप्पणी भेजें

नई पोस्ट पुरानी पोस्ट मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

Blog Archive

{ MEHMAAN-DAARI }

Blogger द्वारा संचालित.

Menu

  • AAPKIAANKHEN
  • TECHRAVI
  • jhankar tarang
  • meribhisuno
Page Rank Check www.hamarivani.com

Facebook बैज

Kamlesh Bhagwati Parsad Verma | अपना बैज बनाएं

{ LIVE -MEHMAAN-DAARI }


लोकप्रिय पोस्ट

  • हो समय प्रतिकूल तब वक्त भी ठहर जाता है ..!!
    हो समय प्रतिकूल तब वक्त भी ठहर जाता है , वक्त [ सत्ता ] के सम्मुख जन - तन्त्र बे - बस नजर आता है , मन में तमन्ना रखते ह...
  • सम्वेदनाओं के शून्य...!!!
    सम्वेदनाओं के शून्य को , जगाना चाहता हूँ ! विचारो के उत्तेज से , हलचल मचाना चाहता हूँ ! मर्म को पहचान , चोट करारी होनी च...
  • भीग जाती थी तेरी आँखें...!!!
    भीग जाती थी तेरी आँखें , मुझे याद करके , तब क्यों न देखा ! तुमने मुझे जी भर के ॥ जब सामने थी तो न , टिक सकी ये मुझ ...
  • जाने कब जिंदगी को...!!!
    जाने कब जिंदगी को ,'वक्त' क्या मोड़ दे , ना जाने कौन सी दिशा ,कौन ?सा कोण दे।  ' क्या पता 'वक्त' कब  ,फर्श से अर्श ...
  • इक बार क्या मिला वो...!!!
    इक बार क्या मिला वो , हर दिल अज़ीज़ हो गया , पल दो पल में वो मेरे दिल के , करीब हो गया ॥ अनजान थे जो अब तक , उसके अस...
  • कौन कहता है ..............मै इन्सान नहीं हूँ ..!!
    कौन कहता है ........ मै इन्सान नहीं हूँ , हरकतें तो वही हैं , मतलब भगवान नहीं हूँ ॥ मन में सब दुनियावी इच्छओं का ढेर ...
  • ना आई सदा...!!
    ना आई अब तक सदा ,उस मोड़ से, जहां हुए थे हम जुदा, सब छोड़ के। गमे जुदाई है इक  ,ज़हर ज़िन्दगी में, होता है धीरे धीरे असर,ज़िन्दगी में। सब कुछ...
  • क्यों पंछी हुआ उदास...!!! पलायन का दर्द ?..
    क्यों पंछी हुआ उदास ,अपना नीड़ छोड़ कर , जिसे  संजोया था ,तिनका -तिनका जोड़ कर।  न किया गिला किसी से ,न शिकायत किसी की , चुप-चाप उड़ चला ...
  • ज्यु ज्यूँ ज़िन्दगी...।।
  • कोई यूँ ही नहीं ...!!
    29/3/18 कोई यूं ही नहीं बिछुड़ता , कोई राज़ रहा होगा, शिकवा कल का कोई होगा , कोई आज रहा होगा। हमको नहीं जररूत होगी शायद मेरी ज़माने को ज...

लिखिए अपनी भाषा में

मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें

{ JAGTE-RAHO}

MyFreeCopyright.com Registered & Protected
Copyright © 2010 - के.सी.वर्मा ''कमलेश'' - is proudly powered by Blogger.
Theme Design: RayThemz.